दर्शन सीरीज़ | Dr. Vikas Divyakirti Lectures (हिंदी) (Philosophy)
By Vikas Divyakirti | From Youtube
Narrated by Dr. Vikas Divyakirti (From Youtube)
About this audiobook
Dr. Vikas Divyakirti is a renowned Indian educator, author, and former civil servant, best known as the founder and managing director of Drishti IAS, one of India's premier coaching institutes for UPSC Civil Services Examination preparation.
Chapters (5)

1. दर्शन क्या है? | विकास दिव्यकीर्ती
दर्शन संबंधी वीडियो सीरीज़ का यह पहला वीडियो है। इस पहले वीडियो में मेरा मंतव्य यह स्पष्ट करना है कि दर्शन क्या है, इसकी उत्पत्ति कैसे हुई, इसके आयाम क्या हैं और यह हमारी-आपकी ज़िंदगी के बुनियादी प्रश्नों को हल करने में किस प्रकार भूमिका निभाता है? मेरी कोशिश यही है कि दर्शन की गूढ़ बातें भी आमजन के लिये सरल भाषा में उपलब्ध हों। यह वीडियो इसी कोशिश की एक शुरुआत है। @विकास दिव्यकीर्ती

2. भारतीय दर्शन : वेदों से ओशो तक
भारतीय दर्शन की लंबी और समृद्ध परंपरा रही है। वैदिक काल से लेकर बौद्ध-जैन और फिर आधुनिक काल तक भारतीय दर्शन का वैविध्यपूर्ण स्वरूप निर्मित हुआ है। इसलिये इसकी गहराइयों में जाने के पूर्व यह आवश्यक ही है कि हम इसकी मूलभूत विशेषताओं से परिचित हो जाएँ और इसके विकासक्रम को ठीक से समझ लें।

3. अंतिम सत्य क्या है?
दर्शन सीरीज़ के इस तीसरे एपिसोड में 'अंतिम सत्य क्या है' विषय पर चर्चा की गई है। इसमें मेरी कोशिश है कि आप दर्शन से जुड़े कुछ बुनियादी प्रश्नों जैसे- अंतिम सत्य क्या है, यह सवाल कहॉं से आया, इस संबंध में अब तक क्या उत्तर खोजे गए हैं और अभी उन सब की क्या प्रासंगिकता है आदि को ठीक से समझ सकें। इसके साथ ही यह दुनिया कैसे बनी और किसने बनाई जैसी जिज्ञासाओं को भी तार्किक ढंग से समझने-समझाने का प्रयत्न किया गया है।

4. चार्वाक दर्शन
दर्शन के आम जिज्ञासुओं को ध्यान में रखते हुए इसमें चार्वाक दर्शन पर विस्तृत चर्चा की गई है। लोकजीवन में चार्वाक की क्या छवि है और वह कितनी ठीक है; चार्वाक किन नैतिक मूल्यों की वकालत कर रहे थे जिनसे तत्कालीन समाज की पूरी व्यवस्था सिर के बल खड़ी नज़र आने लगी थी; आत्मा के अस्तित्व और जगत के निर्माण व संचालन को लेकर इनके विचार कैसे शेष दर्शनों से अलग थे और वर्तमान समाज में इनकी प्रासंगिकता किस रूप में है ; इन सभी पक्षों से गुज़रना संभवतः आपके लिये रुचिकर होगा!

5. जैन दर्शन
दर्शन सीरीज़ के इस पाँचवें एपिसोड में 'जैन दर्शन (Jain Philosophy)' विषय पर चर्चा की गई है। इसमें मेरी कोशिश है कि जैन दर्शन से जुड़े कुछ बुनियादी प्रश्नों जैसे- जैन दर्शन क्या है? इसके सिद्धांत क्या हैं? जैन धर्म और हिंदू धर्म में क्या अंतर है? जैन समुदाय ईश्वर को नहीं मानता तो वर्धमान महावीर को भगवान महावीर क्यों कहते हैं? जैन समुदाय के लोग संख्या में इतने कम हैं, फिर भी वे इतने समृद्ध कैसे हुए? स्यादवाद का संबंध आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से बनता है, क्या यह सच है?...
Don't have the app yet? Download Shrota to start listening.